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कामयाबी किसी उम्र की मोहताज नहीं होती

दोस्तों , मैं अपनी फर्श से अर्श तक की कहानी जब लिखने बैठा तो समझ में नहीं आ रहा था की कँहा से शुरू करू।  क्योंकि मैंने अपनी जिंदगी के इसी उम्र में काफी उतार चढ़ाव देखे हैं लेकिन दिन कैसे पता चला गया पता ही नहीं चला।

 

सबसे पहले मैं अपने माता पिता को प्रणाम करता हूँ जिन्होंने जिंदगी दी और अच्छे संस्कार दिए।

 

मेरा जन्म बिहार राज्य के मुंगेर जिले के एक किसान परिवार में हुआ।  मेरे माता पिता ने बहुत मुश्किल से पढ़ाया और इसी दौरान कुछ जमीने भी बिक गयी।  कहते है जब किसी की जिंदगी में ज्यादा मुश्किले  आती हैं तो समझ लो की ईश्वर ने उनके लिए योजना बनानी शुरू कर दी है।

 

मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।  अचानक 2009 में मुझे किसी कारणवश राँची आना पड़ा , और मेरी जिंदगी का सफर शुरू हुआ।  षुरूआआत के तीन साल रांची में मैंने छोटी छोटी सेल्स कंपनी में काम किया , कुछ अनुभव  मिला और अपने आप को थोड़ा मजबूत बनाया।  लेकिन काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।  हमेशा एक अच्छे अवसर की तलाश में रहता था।  और इतना विश्वास मुझे अपने आप पर था की जरूर मुझे कोई बेहतर अवसर मिलेगा।  उस दिन का इन्तजार रहता था।  जून 2012 में मेरे बड़े भाई साहब विजय कुमार और पडोसी रविकांत प्रसाद के माध्यम से मुझे फॉरएवर जैसा बेहतरीन अवसर मिला। मैं इन दोनों को तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ।

 

मैंने कंपनी के उत्पाद अपने परिवार को दिए तो इसका अच्छा परिणाम मिला।  कुछ और लोगो को देने के बाद मेरा फॉरएवर से पहला चेक 387.13/- रुपया का आया।  इस चेक को लेकर मैं अपने गुरु हकीबुल अंसारी के पास गया और कंपनी के मार्केटिंग प्लान को समझा।  सर ने मेरे सपनो को जगाया और ये बताया की सारे सपने फॉरएवर से पूरा कर सकते हैं।

 

दोस्तों किसी भी काम को करने से पहले उस काम को क्यों करना है यह समझना बहुत जरुरी है।  और एक मजबूत निर्णय लेना बेहद मत्वपूर्ण।

मैंने भी एक मजबूत निर्णय लिया की मैं दिल से फॉरएवर करूंगा।  पहले  ही दिन से मैंने कंपनी को समझना शुरू किया।  क्योंकि एफ एल पी  के काम को करने से ज्यादा समझना जरुरी है।  यह इसीलिए की काम को करने के बाद चुनोतियाँ आना शुरू होता है जिससे मुझे निपटना आना चाहिए।

 

ये बातें मुझे समझ आ गयी की एफ एल पी में कामयाबी का सिर्फ एक ही रास्ता है और वो है ट्रेनिंग।  फिर क्या था , मैंने अपनी टीम के साथ ट्रेनिंग लेना शुरू कर दिया।  रांची की ट्रेनिगं , हकीबुल सर की प्लानिंग , के के शर्मा सर की स्पेशल ट्रेनिंग और गुरु आनंद गाँधी जी की वर्कशॉप ने मुझे प्रभावित किया और मेरे दिमाग में गहरा असर छोड़ा।  फिर मैंने कभी पु=ीछे मुड़कर नहीं देखा , बस चलता रहा।

 

सीखने और सिखाने का सिलसिला चलता यह और मई कंपनी के मार्केटिंग प्लान में मैनेजर बना और मेरा उस महीने का चेक 70 हजार के ऊपर आया।  फिर क्या था दोस्तों , मैं अपनी टीम को मजबूत बनाने में लग गया।

 

देखते ही देखते सीनियर मैनेजर , कार प्लान लेवल 1  ,और चार लाख का चेयरमैन बोनस प्राप्त किया।  कम्पनी से जोधपुर सिंगापूर घूमने का मौक़ा मिला।  और इस साल भी मैंने ग्लोबल रैली और चैरमानस बोनस क्वालीफाई कर लिया है।

 

कंपनी मुझे अभी तक लगभग 5 लाख रुपये दे चुकी है।  अगर महीने की इनकम की बात करूं तो लगभग 3  लाख रुपये हर महीने मुझे दे रही है। दोस्तों कंपनी मुझे इनकम नहीं , बल्कि हमारी टीम के लोगो को भी 50000 रुपया से 2 लाख रुपया महीना दे रही है।  मेरी टीम की कामयाबी में मेरी कामयाबी है।

दोस्तों इस काम को करने के लिए जरुरी है एक बड़ा सपना देखना और दृढ़ निश्चय के साथ मजबूत निर्णय लेना।

 

मैं तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ दो महान आत्मा श्री रेक्स मान और श्रीमती नवाज घासवाला का जिन्होंने इतने बड़े अवसर को जन्म दिया जिसके माध्यम से करोडो लोग अपनी जिंदगी बना रहे हैं।  भारत देश में इस अवसर को लाने के लिए हमारे देश के कंट्री सेल्स मैनेजर श्री अमरजीत अभी को सात सात नमन जिन्होंने अपने देश के बारे में सोचा और हमारे यंहा के लोगो कको अपनी जिंदगी खुशहाल करने का वासर दिया।

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